Friday, July 1, 2011

जिसके पास नहीं हैं गाँधी वो सबसे बड़ा गद्दार है।

गाँव का प्रधान हो या इस देश का प्रधानमंत्री सभी ने इस देश को बर्बाद करने का सम्पूर्ण प्रयास किया हैं, इसका प्रमाण इस देश की जनता के पासहैं।
जिसके पास है जितना गाँधी वो उतना ही बड़ाईमानदार है,
जिसके पास नहीं हैं गाँधी वो सबसे बड़ा गद्दार है।
मत पूछो ये कैसी सरकार है,
जिन लोगो ने धर्म के नाम पर देश के दो टुकड़ेकिए आज भी उन्हीं की सरकार हैं,
इसलिए तो कहते हैं मेरा भारत महान है।
100 में 99 बंे बेईमान है जो भारत को बेचने केलिए आज भी तैयार है। नेता
जब तिजोरियो में कैद है आजादी के बाद भी गाँधी,
तो कैसे आयेगी इस देश में विकास की आधी।
गाँधी को गोडसे ने मारा तो उनको फाँसी दे दी गई,मगर जो गाँधी को रोज मार रहे है उनका क्याहोगा , भारत को गाँधी सुखी स्मृद्धि और आत्मनिर्भर बनाना चाहतें थे,इसलिए उन्होने स्वराज कानारा दिया लेकिन हमारेदेश के नेता भारत कोविदेश बनाना चाहतें है वो भी येसा देश जहा अपनाकुछ न हो ,सारा विदेश कम्पनीयों का हो औरहमारे देश के लोग विदेशी कम्पनियो के गुलाम हो, जिस तरह अंग्रेजों के होते थे , गाँधी के बतायेरास्तेपर हमारेदेश का कोई नेेता चले न चले,लेकिन सारे नेता गाँधी के लिए परेशान कुछ भीकरने को तैयार है । धर्म, जाति , भाषा ,प्रांत हरमुद्दे को भजाने के लिए बेकरार है, बडे़ दुख के साथआप से अनुरोध करता हूँ,कि स्विस बैंक में जमा1500 अरब डालर जो भारत की जनता को लूट करजमा किया गया है, उसको भारत जाए तथा उनदेश द्रोहियो को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ,

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